UP Board: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद हर साल लाखों छात्रों का परिणाम जारी करता है। इस दौरान कई बार छात्रों की मार्कशीट में नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम, विषय विवरण या अंकों में गलती हो जाती है। ऐसी स्थिति में सुधार कराना ज़रूरी होता है क्योंकि मार्कशीट ही वह दस्तावेज़ है जो आगे की पढ़ाई, नौकरी और सरकारी योजनाओं में सबसे पहले मांगा जाता है। अगर इसमें गलती रह जाए तो भविष्य में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
किन-किन जानकारियों में सुधार किया जा सकता है
यूपी बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए मार्कशीट सुधार की प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया है। अब छात्र घर बैठे मोबाइल से ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सुधार के दायरे में नाम की वर्तनी की त्रुटि, पिता या माता के नाम की गलती, जन्मतिथि में अंतर, फोटो से जुड़ी गड़बड़ी और अंकों से संबंधित तकनीकी त्रुटियाँ आती हैं। इन सभी को वैध प्रमाण पत्रों के आधार पर सुधारा जा सकता है।
आवेदन की प्रक्रिया
मार्कशीट में सुधार कराने के लिए सबसे पहले छात्र को यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://upmsp.edu.in पर जाना होता है। वेबसाइट के होमपेज पर स्टूडेंट सर्विसेज का विकल्प मिलता है। इसमें मार्कशीट या सर्टिफिकेट करेक्शन का सेक्शन चुनना होता है। इसके बाद छात्र को रोल नंबर, परीक्षा वर्ष और विद्यालय का नाम जैसी जानकारी दर्ज करनी पड़ती है। इसके बाद उस विवरण को चुनना होता है जिसमें गलती हुई है और सही जानकारी भरनी होती है।
आवश्यक दस्तावेज़
सुधार प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए छात्र को कुछ प्रमाण पत्र अपलोड करने होते हैं। जन्मतिथि सुधार के लिए जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड की आवश्यकता होती है। नाम की गलती सुधारने के लिए स्कूल का रिकॉर्ड, ट्रांसफर सर्टिफिकेट या पहचान पत्र देना होता है। अंकों से जुड़ी त्रुटि के लिए परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड मांगा जाता है। सही दस्तावेज़ अपलोड करना बेहद ज़रूरी है क्योंकि बिना प्रमाण पत्र के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
आवेदन जमा करने के बाद क्या करें
जब छात्र सभी जानकारी और दस्तावेज़ अपलोड करके फॉर्म सबमिट कर देता है तो उसे एक रेफरेंस नंबर मिलता है। यह रेफरेंस नंबर बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसकी मदद से छात्र अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। कुछ दिनों में बोर्ड द्वारा दस्तावेज़ों की जांच की जाती है और सही पाए जाने पर सुधार को मंजूरी दे दी जाती है। उसके बाद सुधारी हुई मार्कशीट विद्यालय या बोर्ड कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
महत्वपूर्ण बातें जो ध्यान रखें
आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाते हैं, इसलिए किसी भी दलाल या बिचौलिए के चक्कर में न पड़ें। सही जानकारी और प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। अगर दस्तावेज़ गलत या अधूरे होंगे तो आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाएगा। आवेदन की स्थिति समय-समय पर वेबसाइट से चेक करते रहें ताकि कोई अपडेट मिस न हो।
यूपी बोर्ड ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 10वीं की मार्कशीट सुधार प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब छात्रों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। केवल मोबाइल और इंटरनेट की मदद से घर बैठे ही नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम या अंकों की गलती सुधारी जा सकती है। इस प्रक्रिया से समय और पैसे दोनों की बचत होती है और छात्र को सही व मान्य मार्कशीट प्राप्त हो जाती है।



