राज्यवार पंचायत वोटर लिस्ट 2025-2026 चेक/डाउनलोड
सभी लिंक ऑफिशियल State Election Commission / CEO साइट्स से हैं। अगर स्पेसिफिक राज्य/जिला/ग्राम पंचायत की डिटेल चाहिए (जैसे नाम सर्च या डाउनलोड PDF), तो बताओ – और डिटेल्ड कार्ड बना दूंगा! 😊
सरपंच / प्रधान ने कितना पैसा निकाला? गांव के फंड और खर्च की पूरी जानकारी
भारत के ग्रामीण विकास में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गांव के विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से पंचायतों को अलग-अलग योजनाओं के तहत फंड दिया जाता है। ऐसे में अक्सर ग्रामीणों के मन में यह सवाल उठता है कि सरपंच या ग्राम प्रधान ने कितनी राशि निकाली, कहां खर्च की और कितना पैसा बचा हुआ है?
इस आर्टिकल में हम आपको पंचायत फंड, खर्च और निगरानी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी सरल भाषा में बता रहे हैं।
पंचायत को फंड कहां-कहां से मिलता है?
ग्राम पंचायत को मुख्य रूप से इन स्रोतों से पैसा मिलता है:
- मनरेगा (NREGA) योजना
- ग्रामीण सड़क और पानी योजनाएं
- स्वच्छ भारत मिशन
- पंचायत ग्रांट
- राज्य सरकार की योजनाएं
- केंद्र सरकार की विकास योजनाएं
- टैक्स और लोकल रेवेन्यू
हर पैसे का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
सरपंच / प्रधान पैसा कैसे निकालते हैं?
पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, और उसे निकालने के लिए:
- पंचायत सचिव और सरपंच दोनों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं
- पैसा सिर्फ विकास कार्यों के लिए निकाला जा सकता है
- हर भुगतान का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है
यानी सरपंच अकेले पैसा नहीं निकाल सकता।
कौन-कौन से कामों में होता है खर्च?
ग्राम फंड आमतौर पर इन कामों में खर्च होता है:
- सड़कों की मरम्मत और निर्माण
- पानी की टंकी और पाइपलाइन
- स्ट्रीट लाइट
- नाली और स्वच्छता
- पंचायत भवन रखरखाव
- रोजगार योजनाएं
- सार्वजनिक सुविधाएं
हर खर्च का बिल और रसीद पंचायत में सुरक्षित रहती है।
आप कैसे जांच सकते हैं कि कितना पैसा निकला?
सरकार ने ग्राम फंड को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए हैं। इनमें:
- पंचायत का पूरा फंड रिकॉर्ड
- खर्च की सूची
- भुगतान का विवरण
- मंजूर किए गए प्रोजेक्ट
सब कुछ देखा जा सकता है।
ग्रामीण अपने राज्य के पंचायत पोर्टल पर जाकर यह जानकारी निकाल सकते हैं।
गांव वाले शिकायत कैसे कर सकते हैं?
यदि किसी को लगता है कि फंड का गलत इस्तेमाल हुआ है, तो वे शिकायत कर सकते हैं:
- ग्रामसभा में
- ब्लॉक ऑफिस में
- जिलाधिकारी कार्यालय में
- ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर
जांच होने पर कार्रवाई भी होती है।
ग्रामसभा की भूमिका सबसे बड़ी
हर गांव में ग्रामसभा होती है, जिसमें गांव के पंजीकृत वोटर शामिल होते हैं।
यहीं पर यह बताया जाता है:
- कितना पैसा आया
- कितना खर्च हुआ
- आगे कौन-से काम होंगे
इसलिए ग्रामसभा में शामिल होना जरूरी है।
निष्कर्ष
सरपंच या प्रधान के पास गांव के विकास की बड़ी जिम्मेदारी होती है। आज ज्यादातर भुगतान ऑनलाइन और रिकॉर्डेड होते हैं, इसलिए पैसे की पारदर्शिता पहले से काफी बेहतर हुई है।
अगर आपको भी यह जानना है कि आपके गांव में सरपंच ने कितना पैसा निकाला और कहां खर्च किया, तो आप ग्रामसभा और ऑफिशियल पोर्टल के जरिए पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।



